مسافة - فرناندو بيسوا | اﻟﻘﺼﻴﺪﺓ.ﻛﻮﻡ

شاعر برتغالي، أهم شعراء البرتغال على الإطلاق، كان يستخدم أسماء مستعارة عند نشر قصائده وصلت إلى 70 اسم مستعار (1888-1935)


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من إذاً همس لك بهذا السرّ في أذنك
التي لا تسمــعه سوى إلهات نادرات –
الحب هــذا مليء بالإيمان والخوف
ولا يكون صحيحاً، إلا بكونه سرّاً مفشياً؟
مَن، قبل أن يحين الوقت، أفشى لك به؟

لم أكن أنا، لأنني لا أجرؤ على قوله لك.
ولم يكن آخر، إذ أنه يجهله.
لكن من إذاً يلمس شعرك من على جبهته
كي يقول في أذنك كل ما يشعر به؟
ومع ذلك، هل كان هناك أحد، حقاً؟

أو فقط، أنت من حلم بذلك، أنا الذي حلمت به لأجلك؟
لم أظهر من جانبي سوى عن غيرة تجاهك
لأفترض أن أقول ذلك، لأنني لن أقوله أبداً،
لأفترض بأنه حقيقي، لأنني تخيّلته فقط
في أحلام لا أعرفها أبداً؟

مهما كان من أمر، من اقترب بهدوء إذًا
من أذنك المصغيّة بشكل مبهم
كي يحدثك عن هذا الحب الحاضر داخلي،
لكنه بقيَ سجين أفكاري
المحترق من الرغبة والذي لا يشعر بشيء أبداً؟

هذه الرغبة، بدون جسد وبدون فم، هو نفسه فقط
الذي، قرب أذنيك، جاء من حلمي إليك كي يُسرّب
الجملة الأبدية، المجنونة وغير المستحقة –
الجملة التي تنتظرها الإلهات، من الغبطة
التي، شيئاً فشيئاً، يتقيد بها "الأولمب"






(ﺟﻤﻴﻊ ﺗﺮﺟﻤﺎﺕ اسكندر حبش)
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